Sunday, 1 May 2016

A man who has gone out of his town comes back and finds that his house is on fire.

It was one of the most beautiful houses in the town, and the man loved the house the most! Many people were ready to give double price for the house, but he had never agreed for any price and now it is just burning before his eyes.

And thousands of people have gathered, but nothing can be done, the fire has spread so far that even if you try to put it out, nothing will be saved. So he becomes very sad.

His son comes running and whispers something in his ear:

"Don't be worried. I sold it yesterday and at a very good price ― three times.The offer was so good I could not wait for you. Forgive me."

Father said, "thank God, it's not ours now!"  Then the father is relaxed and became a silent watcher, just like 1000s of other watchers.

Please think about it! Just a moment before he was not a watcher, he was attached. It is the same house....the same fire.... everything is the same...but now he is not concerned. In fact started enjoying it just as everybody else in the crowd.

Then the second son comes running, and he says to the father, "What are you doing? You are smiling ― and the house is on fire?" The father said, "Don't you know, your brother has sold it."
He said, "we have taken only advance amount, not settled fully. I doubt now that the man is going to purchase it now."

Again, everything changes!!

Tears which had disappeared, have come back to the father's eyes, his smile is no more there, his heart is beating fast. The 'watcher' is gone. He is again attached.

And then the third son comes, and he says, "That man is a man of his word. I have just come from him. He said, 'It doesn't matter whether the house is burnt or not, it is mine.
And I am going to pay the price that I have settled for. Neither you knew, nor I knew that the house would catch on fire.'"

Again the joy is back and family became 'watchers'! The attachment is no more there.

Actually nothing is changing!

just the feeling that "I am the owner! I am not the owner of the house!" makes the whole difference.

This simple methodology of watching the mind, that you have nothing to do with it..Everything starts with a Thought !

Most of the thoughts are not yours but from your parents, your teachers, your friends, the books, the movies, the television, the newspapers. Just count how many thoughts are your own, and you will be surprised that not a single thought is your own. All are from other sources, all are borrowed ― either dumped by others on you, or foolishly dumped by yourself upon yourself, but nothing is yours.

Sow a thought, you reap an action.
Sow an act, you reap a habit.
Sow a habit, you reap a character.
Sow a character, you reap a destiny..

Friday, 1 April 2016

आपको यहां दस बिंदू बताये जा रहे है, जिसके पालन से आप सुरक्षित ड्राईविंग कर सकते है।
1: आजकल के इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में सेल फोन भी हमारी जिन्दगी का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन ध्यान रखे कभी भी गाड़ी ड्राईव करते समय सेल फोन का इस्तेमाल न करे। यह सिर्फ फोन पर बात करने वालों के लिए नहीं है मोबाइल पर आये मैसेज पढ़ना या कुछ और करना ये सब आपकों खतरे की तरफ बढा़ती है। यदि आपके लिए मोबाइल का प्रयोग करना जरूरी है तो पहले किसी सुरक्षित जगह वाहन खड़ी करे और फिर मोबाइल का प्रयोग करे।
2: यह बिंदू विशेषकर महिलाओं के लिए है। वाहन चलाते समय ड्राईविंग के अलांवा अन्य कार्यो को करने से बचना चाहिए, जैसे कि ड्राईविंग के दौरान मेकप करना, बाल सवांरना, कपड़े ठीक करना या फिर म्यूजिक सिस्टम को आपरेट करना। ये सारी चीजे आपकों लगती है कि बहुत कम समय कि होती है। लेकिन इन सब कामों को करने के दौरान चालक का ध्यान सड़क से भटक जाता है और अचानक सड़क पर किसी वाहन आदी के सामने आ जाने से हादसों को होने का डर रहता है।
3: बहुत से लोगों को देखा गया है कि सुबह आफिस जाते समय, या छात्रों में स्कूल और कालेज जाते समय अपना लिखने पड़ने का काम जल्दबाजी में ड्राईविंग के दौरान ही निपटाने लगते है। यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कोशिश करनी चाहिए कि कार के डैश पर पढ़ने लिखने के किताबो, मैग्जिनों, अखबारों को रखने से बचे। ड्राईविंग एक बहुत ही संवेदनशील गुण है और इसे बहुत ही केंद्रित होकर करना चाहिए।
4: वाहन चलाने के दौरान किसी भी चीज के खाने पिने से भी बचना चाहिए। यह आपके भुख को खत्म करने के साथ साथ्ा एक बड़ी समस्या को भी जन्म दे सकती है। यदि आपको कुछ खाना है तो यात्रा खत्म करने का इंतजार करे या फिर वाहन को रोक कर कुछ भी खाएं। कभी कभी वाहना को चलाते समय कोक, या पानी प्रयोग करते समय अचानक वो उपर गिर जाता है और इसी दौरान चालक उनसे बचने के लिए अपना ध्यान सड़क से हटा देता है जो कि हादसों की वजह बनते है।
5:ड्राईविंग के दौरान म्यूजिक सुनना किसे नहीं पसंद है खासकर तब जब आप किसी पिकनीक या लांग ड्राईव पर जा रहे है। लेकिन ध्यन रहे कभी कभी ये म्यूजिक भी हादसों की वजह बन जाते है। वाहन के चलाते समय कभी भी हेड फोन आदी तेज आवाज में न प्रयोग करे और न ही कार के अन्दर के स्पीकरों को तेज आवाज में सुने। ड्राईविंग के दौरान चालक को आस पास के माहौल के बारे में तैयार रहना चाहिए मसलन पिछे से आवरटेक करने वाले वाहनों के हार्न आदी।
6: जब कही आपकों जल्दी पहुंचना है और आप अपने वाहन को बहुत तेज गति से ले जाना चाहते तो एक बात ध्यान जरूर रखना चाहिए कि गति उतनी ही रखे जितनी की आप नियंत्रित कर सके। तेज गति के दौरान वाहनों के खिड़की के सीसे थोड़े नीचे कर के रखे जिससे की आपको अन्दर आने वाली हवाओं से भी अपने वाहन के गति का अन्दाजा लग सके। तेज गति में कभी भी वाहन की खिड़की बन्द कर न चलाए।
7: यदि आप छोटे बच्चों के साथ यात्रा पर जा रहे है तो बच्चों को सीट बेल्ट के साथ बांधना न भूले। इससे आपकों वाहन को चलाने में बहुत ही सकून मिलेगा। बच्चों की आदत होती है। कि वो बार बार खिड़की की तरफ ही जाते है और इस दौरान वे अपने शरीर को भी खिड़की से बाहर निकाल देते है। बच्चो की इन उटपटांग हरकतों की वजह से आपका ध्यान सड़क से हट सकता है।
8: गाड़ी के अन्दर सिगरेट पिने, या शराब पिने या दोस्तों के साथ इन चीजो में किसी तरह की प्रतियोगिता करने में बचे। ड्राईविंग के दौराना यह भी खतरनाक होता है। कभी कभी शराब के नशे में आप वो कर जाते है जो नुकसानदेह होता है। विशेषकर शराब के प्रयोग के बाद वाहन चलाने से भी बचना चाहिए।
9: वाहन चलाते समय ही पिछली सीट पर पड़ी हुयी किसी वस्तु आदी को उठाने की कोशिश न करे इससे आपका ध्यान सड़क से हट सकता है और हादसों के होने का खतरा रहता है।
10: ड्राईविंग के दौरान सड़क के चारों तरफ के माहौल के प्रति संवेदनशील रहे लेकिन सडक के किनारे आदी के किसी जगह या कुछ आर्कषक चीजे उन्हे लगातार न देखे। इस दौरान यदि कुछ ऐसा है जिसे आपको देखना जरूरी है तो वाहन रोक कर देंखे। वाहन चलाते समय पुरा ध्यान सड़क पर दे। इस तरह से इन दस बिन्दूओं के पालन करने के बाद आप आसानी से अपन सुरक्षित ड्राईविंग का पुरा आनंद ले सकते है।

Thursday, 10 March 2016

07/03/16 19:57:09: S P R A: पूर्वांचल में फिर शुरू होगा गैंगवार का दौर, क्योंकि...


 जरायम की दुनिया के गढ़ के रूप में चर्चित यूपी में अब एक और पुरानी रंजिश ने दस्तक दे दी है। गोलियों की तड़तड़ाहट ने उस गैंगवार की दस्तक दी है जो कई साल पहले खामोश हो गई थी। इस बार निशाने पर बदमाशों ने मुन्ना बजरंजी के साले पुष्पेन्द्र सिंह को रखा है, लेकिन इस हत्याकांड के बाद जरायम की दुनिया में एक बार फिर से गैंगवार अपना पैर फैला रहा है। 

 

क्या है मामला

यूपी में 1984 में चौबेपुर के पास धौरहरा में खून का संबंध रखने वाले दो परिवार के बीच खून बहा। एक मर्डर भी हुआ। तब किसी ने ये सोचा ही नहीं था कि ये मर्डर भी न था कि ये मर्डर पूर्वांचल की क्राइम हिस्ट्री का एक चैप्टर बन जाएगा। बात पुरानी और कहानी सी लगती है, मगर हाल ही में लखनऊ में हुई मुन्ना बजरंगी के साले की हत्या की वारदात ने ये साबित कर दिया कि चैप्टर अभी खत्म नहीं हुआ है इसमें और पन्ने जुड़ने बांकी है, क्योंकि गैंगवार चालू है। बृजेश सिंह और इन्द्रदेव उर्फ बीकेडी के बीच दुश्मनी बहुत पुरानी है या यूं कहें कि इसी दुश्मनी का नतीजा है कि अपने वक्त का सीधा साधा बृजेश सिंह माफिया डॉन बन गया। अगस्त 1984 को धौरहरा में बृजेश सिंह के पिता रवीन्द्रनाथ उर्फ भूलन सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या को अंजाम देने वालों में बीकेडी के पिता हरिहर सिंह, लुल्लुर सिंह और पांचू सिंह थे। पिता की हत्या के बाद ही पढ़ने लिखने में होनहार रहा बृजेश जरायम की दुनिया में दाखिल हुआ और मई 1985 में उसने अपने पिता की हत्या में शामिल बीकेडी के पिता हरिहर सिंह को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया। ये बृजेश के हाथों हुआ पहला अपराध था। इसके बाद बृजेश ने अपने पिता के हत्यारों को चुन-चुनकर मारना शुरू किया और 1989 में बीकेडी के चाचा प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ झगडू की चकबंदी दफ्तर के पास हत्या करने के बाद हरीहर के भतीजे राजीव को भी गोली मार दी गई। इसके बाद भी मौत का ये खेल नहीं थमा और 1991 में कचहरी परिसर में मायाशंकर पर हुए हमले में बृजेश और उसके चचेरे भाई सतीश का नाम सामने आया।


कोयला, शराब और रेलवे के स्क्रैप को लेकर भी अब मुख्तार अंसारी और ब्रजेश सिंह में रोजाना ही जंग होने लगी है जिसमें रोज कोई न कोई गैंग का व्यक्ति अपनी जान गंवा देता था। इसके बाद ब्रजेश सिंह के बढ़ते कद को रोकने के लिए बीकेडी मुख्तार गैंग में पूरी तरह से शामिल हो गया। ऐसे में ब्रिजेश सिंह ने भी मौके की नजाकत को देखते हुए कृष्णानंद राय से अपनी नजदीकियां बढ़ा ली जिसका नतीजा ये हुआ की ब्रजेश गैंग हावी हो गया। इस दौरान 1995 में पुलिस ने बीकेडी के भाई पांचू का एनकाउंटर कर दिया। इसी साल में बीकेडी के रिश्तेदार शिव सिंह और इसी के एक साल बाद बीकेडी के ताऊ बनारसी सिंह को भी बृजेश सिंह गैंग ने मौत के घाट उतार दिया और अपने भाई चुलबुल सिंह को राजनीति में खड़ा कर दिया, लेकिन इसी दौरान 29 नवम्बर 2005 को गाजीपुर-बलिया बॉर्डर पर भांवरकोल थाना इलाके में बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय समेत 7 लोगों की हत्या ने ब्रजेश गैंग को पूरी तरह से तोड़ दिया और पूर्वांचल में मुख्तार गैंग हावी हो गया। इसमें मुख्तार का पूरा साथ दिया मुन्ना बजरंजी ने और दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ गई।

 
इसके ठीक एक महीने बाद ब्रजेश सिंह ने मुख्तार अंसारी और उनके भाई अफजल अंसारी पर गाजीपुर के आरकेबी के पेट्रोल पम्प पर एक साथ तबातोड़ फयरिंग की, लेकिन अफजल अंसारी ने खुद को तो बचाया ही साथ ही अपने भाई मुख्तार अंसारी को भी सुरक्षित बचा ले गया। इस घटना से बौखलाये मुख्तार अंसारी ने ब्रजेश सिंह के काफिले पर लखनऊ के कैंट इलाके में फायरिंग की, जिसमें ब्रिजेश सिंह की गोली लगने से मौत की खबर प्रसारित की गई। जिससे ऐसा लगा कि पूर्वांचल में गैंगवार अब थम गई है, लेकिन कुछ समय बाद ब्रजेश सिंह को भुवनेश्वर से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया। जिससे ये साबित हो गया की जानबूझकर ये बात फैलाई गई थी, क्योंकि इसी दौरान ब्रजेश सिंह के सगे भतीजे सुशील सिंह को बहुजन समाज पार्टी से धानापुर (चंदौली) विधानसभा से विधायक का टिकट मिला था और उसमें उसकी जीत हो गई। इसके बाद बहुजन समाज पार्टी के कार्यकाल के दौरान 5 सालों तक पूर्वांचल की खून से लाल नहीं हुई, लेकिन यूपी में सपा सरकार आते ही मुन्ना बजरंगी और मुख्तार अंसारी ने मिलकर जरायम की दुनिया में बादशाहत कायम करने की कोशिश की, जिसमें ब्रजेश सिंह के लोगों को मारा जाने लगा। इसकी वजह से कांग्रेसी विधायक अजय राय से बृजेश सिंह की नजदीकियां बढ़ने लगी।


बता दें कि जरायम की दुनिया में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि आपसी वर्चस्व की लडाई में अंधाधुंध गोलियां चली है इससे पहले भी कई बार हौसला बुलंद अपराधियों ने ऐसे वारदातों को अंजाम दिया है, लेकिन जिस तरह से पूर्वांचल के माफिया डॉन के करीबियों के ऊपर जान लेवा हमले हो रहे थे इससे तो साफ यही माना जा रहा था कि अब विरोधी गुट ब्रजेश गैंग का सफाया करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है। अब तो मुख्तार गैंग के लोग पूर्वांचल में किसी और गैंग का वर्चस्व नहीं देखना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में बृजेश सिंह ने एमएलसी चुनाव जीतकर अपना वर्चस्व कायम करने की कवायद शुरू कर दी और यही वजह है की लखनऊ में मुन्ना बजरंजी के साले की हत्या में कृष्णा नन्द राय के रिश्तेदारों के नाम एफआईआर दर्ज होना ये साफ कर रहा है कि बृजेश सिंह के बढ़ते कद ने सालों से दबे हुए कृष्णा नन्द राय की हत्या के मामले को हवा दे दी है।

 
उत्तर प्रदेश में इससे पहले भी अपराध और राजनीति का गठजोड़ सालों से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भारी पड़ता आ रहा है। ज्यादातर सियासी कत्लों की सच्चाई दावपेंचों में फंसकर दम तोड़ देते हैं। कई राजनैतिक और वर्चस्व की रंजिशें आज भी चली आ रही है। बृजेश सिंह से पहले भी कई नाम ऐसे हैं जो जरायम की दुनिया से सत्ता के गलियारों में पहुंचे हैं।
07/03/16 22:45:36: S P R A: जय श्री काशी विश्वनाथ  ऊँ नम: शिवाय हर हर महादेव 
श्री विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग काशी ...........
विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग भारत के 12 ज्योतिर्लिंगो में से एक ज्योतिर्लिंग है. यह ज्योतिर्लिंग उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान में है. काशी सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक महत्व रखती है. सभी धर्म स्थलों में काशी का अत्यधिक महत्व कहा गया है. इस स्थान की मान्यता है, कि यह स्थान सदैव बना रहेगा. अगर कभी इस पृ्थ्वी पर किसी तरह की कोई प्रलय आती भी है, तो इसकी रक्षा के लिए भगवान शिव इस स्थान को अपने त्रिशूल पर धारण कर लेगें. और प्रलय के टल जाने पर काशी को इसके स्थान पर रख देगें. 
काशी मोक्ष नगरी : धर्म शास्त्रों के अनुसार सृष्टि का प्रारम्भ भी इसी स्थान को कहा गया है. इस स्थान के विषय में एक पौराणिक कथा  प्रसिद्ध है, कि सृ्ष्टि रचना के लिए भगवान विष्णु की उपासना इसी स्थान पर श्री विष्णु जी ने की थी. इसके अतिरिक्त ऋषि अगस्त्य ने इसी स्थान पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उपासना की थी. इस नगरी से कई मान्यताएं जुडी हुई है. काशी धर्म स्थल के विषय में कहा जाता है, कि इस स्थान पर जो भी व्यक्ति अंतिम सांस लेता है. उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस स्थान की महिमा के विषय में जितना कहा जाए कम है. कहा जाता है. कि यहां मृ्त्यु को प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भगवान शंकर मृ्त्युधारक के कान में मोक्ष प्राप्ति का उपदेश देते है. इस मंत्र को सुनने मात्र से पापी से पापी व्यक्ति भी भवसागर को पार कर श्री विष्णु लोक में जाता है. अधर्मी और अनाचारी भी यहां मृ्त्यु  होने के बाद संसार के बंधनों से मुक्त हो गए है. प्राचीन धर्म शास्त्र मत्स्य पुराण के अनुसार काशी नगरी जप, ध्यान की नगरी है. यहां आकर व्यक्ति को उसके दु:खों से मुक्ति मिलती है. इसी पवित्र नगरी में विश्वनाथ मंदिर ज्योतिर्लिंग स्थित है.  इस ज्योतिर्लिंग को विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता है. मणिककर्णिका, दशाश्वमेध, लोलार्क, बिंदूमाधव और केशवश्री विश्वनाथ धाम में ही पांच प्रमुख तीर्थ है. इसमे दशाश्वमेध, लोलार्क, बिंदूमाधव, केशव और मणिकर्णिका है. एक स्थान पर ही पांच धर्म स्थल होने के कारण इस स्थान को परमगति देने वाला स्थान कहा गया है. श्री विश्वनाथ धाम की महत्वता इसके साथ स्थित अन्य पांच तीर्थ स्थल भी बढाते है.

विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग कथा : विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के संबन्ध में एक पौराणिक कथा प्रचलित है. बात उस समय की है जब भगवान शंकर पार्वती जी से विवाह करने के बाद कैलाश पर्वत पर ही रहते थें. परन्तु पार्वती जी को यह बात अखरती थी कि, विवाह के बाद भी उन्हें अपने पिता के घर में ही रहना पडे़. इस दिन अपने मन की यह इच्छा देवी पार्वती जी ने भगवान शिव के सम्मुख रख दी. अपनी प्रिया की यह बात सुनकर भगवान शिव कैलाश पर्वत को छोड कर देवी पार्वती के साथ काशी नगरी में आकर रहने लगे. और काशी नगरी में आने के बाद भगवान शिव यहां ज्योतिर्लिंग के रुप में स्थापित हो गए. तभी से काशी नगरी में विश्वनाथ ज्योतिर्लिग ही भगवान शिव का निवास स्थान बन गया है.

विश्वनाथ ज्योतिर्लिग महत्व  : काशी नगरी की वि़शेषता विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के कारण ही आज अन्य सभी धर्म स्थलों में सबसे अधिक है.  जो जन इस नगरी में आकर भगवान शिव का पूजन और दर्शन करता है. उसे उसके समस्त पापों से मुक्ति मिलती है. भगवान शिव अपने भक्त की सभी पापों को स्वयं वहन करते है. और श्रद्वालु को सुख और कामना पूर्ति का आशिर्वाद देते है. भगवान शिव की नगरी कही जाने वाली काशी में स्थित पांच अन्य तीर्थ स्थल भी है. फिर भी भगवान शिव को परम सत्य, सुन्दर और परमात्मा कहा गया है. भगवान शिव  सत्यम शिवम और सुंदरम है. वे ही सत्य है. वे ही ब्रह्मा है, और शिव ही शुभ होकर आत्मा के कारक है. इस जीवन में भगवान शिव और देवी पार्वती के अलावा कुछ भी अन्य जानने योग्य नहीं है. शिव ही आदि और शिव ही इस सृ्ष्टि का अंत है. जो भगवान शिव की शरण में नहीं जाता है, वह पाप और दु:ख में डूबता जाता है.

शिव धाम विश्वनाथ धाम :- शिव पुराण में श्विव के रुप का वर्णन इस प्रकार किया गया है. भगवान शिव की लम्बी लम्बी जटाएं है. भगवान शिव के हाथों में धनुष है. भगवान शिव दिगम्बर है.  भगवान शिव नागराज का हार धारण किए हुए है.  रुद्र की माला धारण किये हुए है. पुराणों में भगवान शिव को शंकर और महेश के नाम से उच्चारित किया गया है. अपने आधे शरीर पर राख और भभूत लगाये है. तांडव नृ्त्य करते है. और नंदी भगवान शिव का वाहन है. भगवान शिव की मुद्रा ध्यान मुद्रा है.  भगवान शिव को बिल्व पत्र से पूजन करना सबसे अधिक प्रिय है. देव की प्रिया देवी पार्वती है. भगवान शिव के दो पुत्र है. इसमें एक कार्तिकेयन और दूसरे भगवान श्री गणेश है. बिल्ब पत्र के अतिरिक्त भगवान शिव को जब उनके 108 नामों से पुकारा जाता है, तब भी वे शीघ्र प्रसन्न होते है.
11/03/16 09:10:10: S P R A: ।। सुकरात का ट्रिपल फ़िल्टर टेस्ट ।।
 
प्राचीन यूनान में सुकरात को महाज्ञानी माना जाता था। एक दिन उनकी जान पहचान का एक व्यक्ति उनसे मिला और बोला - "क्या आप जानते हैं मैंने आपके एक दोस्त के बारे में क्या सुना ?"

"एक मिनट रुको"... 

 सुकरात ने कहा - "तुम्हारे कुछ बताने से पहले मैं चाहता हूँ कि तुम एक छोटा सा टेस्ट पास करो. इसे ट्रिपल फ़िल्टर टेस्ट कहते हैं।"

"ट्रिपल फ़िल्टर ?"

"हाँ, सही सुना तुमने"...

 सुकरात ने बोलना जारी रखा - "इससे पहले की तुम मेरे दोस्त के बारे कुछ बताओ , अच्छा होगा कि हम कुछ समय लें और जो तुम कहने जा रहे हो उसे फ़िल्टर कर लें। इसीलिए मैं इसे ट्रिपल फ़िल्टर टेस्ट कहता हूँ। 

पहला फ़िल्टर है सत्य। 

क्या तुम पूरी तरह आश्वस्त हो कि जो तुम कहने जा रहे हो वो सत्य है? "
"नहीं", व्यक्ति बोला - "दरअसल मैंने ये किसी से सुना है और …."

"ठीक है" - सुकरात ने कहा - " तो तुम विश्वास के साथ नहीं कह सकते कि ये सत्य है या असत्य।

 चलो अब दूसरा फ़िल्टर ट्राई करते हैं, अच्छाई का फ़िल्टर।  ये बताओ कि जो बात तुम मेरे दोस्त के बारे में कहने जा रहे हो क्या वो कुछ अच्छा है ?"

"नहीं , बल्कि ये तो इसके उलट….."

"तो" - सुकरात ने कहा- " तुम मुझे कुछ बुरा बताने वाले हो , लेकिन तुम आश्वस्त नहीं हो कि वो सत्य है। 

कोई बात नहीं, तुम अभी भी टेस्ट पास कर सकते हो, क्योंकि अभी भी एक फ़िल्टर बचा हुआ है: उपयोगिता का फ़िल्टर। 
मेरे दोस्त के बारे में जो तू बताने वाले हो क्या वो मेरे लिए उपयोगी है?"

"हम्म्म…. नहीं, कुछ ख़ास नहीं…"

"अच्छा" - सुकरात ने अपनी बात पूरी की - 
"यदि जो तुम बताने वाले हो वो ना सत्य है , ना अच्छा और ना ही उपयोगी तो उसे सुनने का क्या लाभ?" और ये कहते हुए वो अपने काम में व्यस्त हो गए।

हम सभी को भी सुखी और प्रसन्न जीवन जीने के लिए ये ट्रिपल फ़िल्टर सिद्धांत का उपयोग करना चाहिए ।

🙏🏽🙏🏽

Thursday, 3 March 2016

युधिष्ठर को था आभास कलुयुग में क्या होगा?
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पाण्डवो का अज्ञातवाश समाप्त होने मे कुछ समय शेष रह गया था।

पाँचो पाण्डव एवं द्रोपदी जंगल मे छूपने का स्थान ढूढं रहे थे,

उधर शनिदेव की आकाश मंडल से पाण्डवों पर नजर पडी शनिदेव के मन मे विचार आया कि इन सब मे बुधिमान कौन है परिक्षा ली जाय।

देव ने एक माया का महल बनाया कई योजन दूरी मे उस महल के चार कोने थे, पूरब, पश्चिम, उतर, दक्षिन।

अचानक भीम की नजर महल पर पडी
और वो आकर्सित हो गया ,

भीम, यधिष्ठिर से बोला-भैया मुझे महल देखना है भाई ने कहा जाओ ।

भीम महल के द्वार पर पहुँचा वहाँ शनिदेव दरबान के रूप मे खड़े थे,

भीम बोला- मुझे महल देखना है!

शनिदेव ने कहा-महल की कुछ शर्त है

1-शर्त महल मे चार कोने आप एक ही कोना देख सकते है।
2-शर्त महल मे जो देखोगे उसकी सार सहित व्याख्या करोगे।
3-अगर व्याख्या नही कर सके तो कैद कर लिए जावोगे।

भीम ने कहा- मै स्वीकार करता हूँ ऐसा ही होगा

और वह महल के पूर्व क्षोर की और गया

वहां जाकर उसने अधभूत पशु पक्षी और फुलों एवं फलों से लदै वृक्षो का नजारा किया,

आगे जाकर देखता है कि तीन कूऐ है अगल-बगल मे छोटे कूऐ और बीच मे एक बडा कुआ।

बीच वाला बडे कुए मे पानी का उफान आता है और दोनो छोटे खाली कुओ को पानी से भर दता है। फिर कुछ देर बाद दोनो छोटे कुओ मे उफान आता है तो खाली पडे बडे कुऐ का पानी आधा रह जाता है इस क्रिया को भीम कई बार देखता है पर समझ नही पाता और लौट कर दरबान के पास आता है।

दरबान -क्या देखा आपने?

भीम- महाशय मैने पेड पौधे पशु पक्षी देखा वो मैने पहले कभी नही देखा था जो अजीब थे। एकबात समझ मे नही आई छोटे कुऐ पानी से भर जाते है बडा क्यो नही भर पाता ये समझ मे नही आया।

दरबान बोला आप शर्त के अनुसार बंदी हो गये है और बंदी घर मे बैठा दिया।

अर्जुन आया बोला- मुझे महल देखना है, दरबान ने शर्त बतादी और अर्जुन पश्चिम वाले क्षोर की तरफ चला गया।

आगे जाकर अर्जुन क्या देखता है। एक खेत मे दो फसल उग रही थी एक तरफ बाजरे की फसल दुसरी तरफ मक्का की फसल ।

बाजरे के पौधे से मक्का निकल रही तथा
मक्का के पौधे से बाजरी निकल रही अजीब लगा कुछ समझ नही आया वापिस द्वार पर आ गया।

दरबान ने पुछा क्या देखा,

अर्जुन बोला महाशय सब कुछ देखा पर बाजरा और मक्का की बात समझ मे नही आई।

देव ने कहा शर्त के अनुसार आप बंदी है ।

नकुल आया बोला मुझे महल देखना है

फिर वह उतर दिशा की और गया वहाँ उसने देखा कि बहुत सारी सफेद गायें जब उनको भूख लगती है तो अपनी छोटी बाछियों का दुध पीती है उसके कुछ समझ नही आया द्वार पर आया

देव ने पुछा क्या देखा?

नकुल बोला महाशय गाय बाछियों का दुध पिती है यह समझ नही आया तब उसे भी बंदी बना लिया।

सहदेव आया बोला मुझे महल देखना है और वह दक्षिण दिशा की और गया अंतिम कोना देखने के लिए क्या दे खता है वहां पर एक सोने की बडी शिला एक चांदी के सिक्के पर टिकी हुई डगमग डौले पर गिरे नही छूने पर भी वैसे ही रहती है समझ नही आया वह वापिस द्वार पर आ गया और बोला सोने की शिला की बात समझ मे नही आई तब वह भी बंदी हो गया।

चारों भाई बहुत देर से नही आये तब युधिष्ठिर को चिंता हुई वह भी द्रोपदी सहित महल मे गये।

भाईयो के लिए पूछा तब दरबान ने बताया वो शर्त अनुसार बंदी है।

युधिष्ठिर बोला भीम तुमने क्या देखा ?

भीम ने कुऐ के बारे मे बताया

तब युधिष्ठिर ने कहा-यह कलियुग मे होने वाला है एक बाप दो बेटों का पेट तो भर देगा परन्तु दो बेटे मिलकर एक बाप का पेट नही भर पायागें।

भीम को छोड दिया।

अर्जुन से पुछा तुमने क्या देखा ??

उसने फसल के बारे मे बताया

युधिष्ठिर ने कहा- यह भी कलियुग मे होने वाला है वंश परिवर्तन अर्थात ब्राहमन के घर बनिये की लडकी और बनिये के घर शुद्र की लडकी ब्याही जायेगी।

अर्जुन भी छूट गया।

नकुल से पूछा तुमने क्या देखा तब उसने गाय का व्र्तान्त बताया

तब युधिष्ठिर ने कहा-कलियुग मे माताऐं अपनी बेटियों के घर मे पलेगी बेटी का दाना खायेगी और बेटे सेवा नही करेंगे ।

तब नकुल भी छूट गया।

सहदेव से पूछा तुमने क्या देखा, उसने सोने की शिला का वर्तान्त बताया,

तब युधिष्ठिर बोले-कलियुग मे पाप धर्म को दबाता रहेगा परन्तु धर्म फिर भी जिदां रहेगा खत्म नही होगा।।  आज के कलयुग मे यह सारी बाते सच साबित हो रही है ।।

बहुत शोध करने के बाद आपके समक्ष रखा है मै आशा करता हू 🙏 की आप इसे और भी लोगो तक पहुचायेगे !!!!!!!

Sunday, 17 January 2016

18/01/16 00:07:36: Anshul Gupta Ips: Hire retired govt employee / public spirited cotizens as traffic warden and pay them honorarium via csr
18/01/16 00:07:59: Anshul Gupta Ips: Flood every chouraha with these semi traffic men
18/01/16 00:08:19: Anshul Gupta Ips: That way public also made partly reaponsible for traffic management

Saturday, 16 January 2016

In the 15 police stations of the East city Kanpur Nagar, Jan Shikaayat Adhikaari. .. P.R.O.s , we may say,  have been wearing this red ceremonial strip on which JAN SHIKAAYAT ADHIKAARI is written. ... It will ensure that common person coming to a police station will find this Jan Shikaayat Adhikaari as a MAY I HELP YOU officer. ..


 It will make it easy to locate the responsible officer with whom a complainant will interact at the first instance. .


It will increase the visibility of the  officer responsible for attending the complainants. ..

In fact this strip will be worn by some responsible policeman round the clock in the Police Station. ....

Wednesday, 13 January 2016

Training at Police Stations:

 Generally, for any training purposes Police Lines is considered to be an ideal place. .... However, in the changed circumstances and excessive duties , training at Lines becomes a luxury of a few and a formality for supervisory officers. ..

Following the motto:

 Service at Your Door 

I am experimenting with :

 Training at Your Door

Policemen are trained at their police station premises or any nearby hall......

The First Aid Training being provided by volunteers of DISTRICT DISASTER MANAGEMENT COMMITTEE at the 15 police stations of East City of Kanpur Nagar is an experiment towards this end. ....

Daily 2100 hrs to 2300 hrs first aid training is being given to one police station's full staff. .... Those who did day duty and those going for night duties. ..

Depending upon the requirement of outside duties of the police stations , a no. of QRTs of 1 SI n 4 constables each are provided to the police station from nearby police stations. ..

Thus for two hours full staff of the police station can get training in a very comfortable free and familiar environment while outsider policemen are taking care of their police station. ....

Thus, we can make training - on - job a reality and continuous process to enhance the skill level of force. ...

Friday, 8 January 2016

Rtc kabhi kabhi jaiye 
Training dekhiye 
Kaisa ho raha hai 
Co ko jana chahiye hafte mei ek bar 
Thane mei sweeper send the letter 
Thane mei constable ki sankhya follower kam constable jyada 
Do follower chahiye ek thane par 
Thane mei majdoori ka head 
Annual reparing ka head
Cctns mei 3 log chahiye 

Up police mei admi kam nahi 
Khaka kheech raha 
We need to remodel theprocess. 
Cctns par jyada zor kariye 
Pahle jameen 
Fir proposal thik se banaiye 
Aur baki logo ka dekh lijiye
Recruitmebt drive local
The approval 
Can generate implement in naxalite area 

Counter terrorism insurgency school 
You can create in zilla 


Cucle kambal gadi na batiye 
Community assets create karoye 
If u want to give , give to panchayat 


Expenditure always talk to audit first
Booklet pad lijiye 
Sre irb 

Account galat deta hai 
Payment koi aur account mei haa raha hai 
Satyapan manng lein 
No salary wo pno

Subinsoector room for writing case diary should be bigger 
Nhrc k order english mei hai 
Babu samajhte nahi 
Ap sign kar dete hain 
Mat kariye 
Pad likiye 
M
Alpavdhi suchnayein 
Karmchari mobile number sab hona chahiye jiski bhi jaroorat ho 


Mha ki website par youtube k video daliye
Do teen minute ki clipping 
Bhijwa dijiye 
Deepak kdeia anti naxalite 
Director 
Surrender rehab policy 


Anumati dig se lijiye 
Order sab thane bhej dijiye 
Usi jule mei 15 sal ho gaye hain 
List dekhiye sare sipahiyon ki
Dg adesh

See what is being sent to senior officer , read it
Philosophy of life 
Only right way lots of problems 
Karyawahi upar escalate ho jayegi 
Thana vinamrata is first
Camera always 
Sabhi se meeting kar k bolaiye 
Karyakhas control karna shuru kariye 
One merit thane dein

Jila panchayat 
Afternath massacre 
Bound down again 
Likhit mei jimmedari di jayei
Vaidhanik karyavahi ki jaye 

Thano par fir na kayam 
Prathmikta 
Junta ki soochna par esp peedit ladki k sambandh mei 
Fir likhane mei sankoch na karoye 
Expungd kar dijiye 
Koi problem nahi m

Documentation of thana 
Naye register koi kaam k nahi 
Only police manual register 
4 8 maintain kar lijiye 
Co va thana jimmedar hain  
Thane k nirikshan mei anupalan . Varshik muayana ab shuru 
Varshik nirikshan shuru karein 
Register ki quality dekhein 

Police karmchari par hamle 
Kadai se karyawahi kariye 
Netagiri jaroor hoti hai 
Camera always bandook nahi 
Hamesha kariye 

Vahan jala diye 
Wahan ka gujrat model kar dijiye 
Homeguard bhid mei chala raha tha 
Riot loudspeaker camera always in gadi 
Forensic kit 
Ghatna shuru hone par video always 

Time par duty nahi aa rahe hain 
Ghar chale jate hain 
Bio metric chahiye 
Thano mei 
Auditing kaun barack, bahar , thane 
Barack ki stithi 
Thano k paise se kam karaiye 

Patrakaron ko bhaga de

Yatayat k sambandh mei charcha 
Local police thana ka jaam 
Paisa bandha 
Accountable banaiye 
Pratibimb yatayat police 
Jimmewar therana hoga 
Homeguard private admi ko rakha hua hai 
Yojana banate hue 
Sabko duty lagayein 
Atikraman 
Book ledger lete hue chalan k monitorjng 
Dealing 

Gaukashi
Tatkal karyawahi 
Wahan k so ko nilambit 

Social media cell 
Dig meerut se manga lein 
Tatkal ssp ko bulayein 
Counter msg
Print and electronic media 
Bhag k naukri nahi kar sakte 
Byte de dein technically correct 

Ghatna initially hi daba dijiye 
Dg k pass shikayat police ki ayegi 

Bank dacoiytt ki ghatna workout nahi ho rahi 
Bank duty 

Amrendra sir uses iphone to project 
Good idea 
Vahan recover
Police ki konitoring 
Stats 
Can do survey !! 

Police k positive work flash nahi ho raha hai 
Mha k press release 
Social media 
Good work k press release saare update 

Force ki auditing 
Anawashyak roop se laga hai 
Telephone duty 2011 k baccho ka 
Naye ladko ko field par laiye

Thane star se gunner kabhi mat dijiye 
Bina jankari k kabhi na dein 

Friday parade 
Parade mei sp jayein 
Kewal or kiye 
Bairak brahman 
Line ghoomein 
Co line khelein 
Police line k bahar table laga lein 
Office mei bahar baithe 
Anavashyak charcha control 
Ardali room 
Police karmchariyon ka sammelan 

Crime 
Lambit vivechna and supervision sahi nahi
Sr patravali 40 lakh ki 
Nahi khuli hai 
Monitoring 
Hcms mei uploading 
Kramagat akhya bhi chalein 
Reader branch ko activate karein 

Bank loot ki ghatna workout kiya jaye 
Chinaiti 

Satra mei soochna 
Nodal adhikari 
Sawal ka answer turant 
Adhe ghante k andar jawab 
155 156 immediTy 111
Turant mobile se and fax kara dein 
Nodal officer turant pahucha dein 
Already opp poccha rehta hai 
Thana koi bhav nahi deta 
Azam khan and cm 

Crime branch ki sthapna k sambandh mei 
Soochna mangi gayi hai 
Bhawan jamin ki soochna nahi de rahd hain 
Hc mei case chal raha hai 

Agrasarit simple niche ka bhej diye 
Isme comment jaroor bhejiye ! 

Co case diary dekhein 
Sign karein 
Orderly room kiye jayein 
Letter dekhiye 
Sp should monitor every 15 days 

Adg karmik 
Orderly room suspend or absence 
We used to decide the gravity 
Tues co lines
Wed spra 
Fri ssp
Ssp decides who will go in which or 
Bhai bhateejawad 
Serially kar lein 
Poora prakriya follow karein 
Aitraj co peshi mei dab jaya hai 
Line munshi apatti register mei darz nahi karta hai , daba deta hAi
Gd mei aitraj index likhna band kar dijiye 
Co k gd munshi ... Difference samne aa jayega 
Basically monitor the whole chain 

Vivecha aitarj
Gd aitraj
Vivechna aitraj
Crime register 
Check 

Jis cheez ko monitor karenge wahi kaam hoga 
Nahi to nahi hoga 


Marammat bhawan 
Lucknow mei police mar gaya 
Ri pwd engr 
Kitna bora cement kitna bora sand 
Samiksha 
Mang patra 
One range je only 
Dm se request kar lijiye 
Police mei der saber paisa 
Bilkul bekar ko khali kara lijiye 

Pno system lagoo kiya jaye
Relive kariye dsp ko 
Acr aprapt hain 

If u dont find acr 
Mobile se baat kar lijiye wahan sort out ho jayega
Bus sign mat kariye ca babu k 
Likh dijiye 

Acr banaye rehte hain 
Office staff ko hi samman chinh chalta rehta hai 
20% office se n 80% field se 
Dekh lena jab ap jaa rahe ho to kya sign kar rahe hain 

Thane mei ane wale k sath accha bartao
Turant vvip ka reply swayam bhajein monitor karein 
Focus on 20 percent 
Communal mei turant upar bhejiye 
Ig addl
Dig co se baat karein 
Turant upar batayein 

Adhikari phone nahi uthate hain 
Likha padi 
Shaleen 

Thanedar ko hata k wapis wahin post na kiya jaye. 
Usko thana na diya jaye 
Cool down policy 

Ig karmik dgp se baat kar lein yadi problem ho to
Kali pulsar bina number ki 
Use awashya padein loot ki hai 

Initiative lo line mei bhi 
Jab thana ban raha hai tab dekhiye 
Leave a place better than 
Likha padi always duty lagaiye 

Crisis mgmt team 
Qrt  kya level of preparedness
Sabhi janpado ko 26 jan 
Ak 47 buletproof
Qrt response time 

Gyanwapi wale ko checking karte nahi 
Police ki uniform wale ki hoti nahi 
Sab salam karne k liye 

Mratak ashritbabuon ko tight karein 
5 years mei mil jayein 
Police sammelan karein samay samay 
Chalte firte sammelan 
Sop 
Rajnikant mishra sir 
Humrah roz badaliye 
6 thane se roz change ho mpehle se mahbe bhar ki list 
Character roll gpf police office ane se update hota rahega 
Pran khula nahi hai nps
Police office roz kaam kar sakta hai 

Handing over taking over 
Nahi ho rahe hain 
Babu ki wajah se 
Adhunikikaran yojana l and o 
Ri ka mat dekho 
Khud hi list banwayein 
Through dg office home ko pratilipi bhejiye 
Body cam ka bhi bhijwaoyred
303 
Anti riot equipment latest 


Thane ja mal nistaran 
Abhiyan 
Niyamanusar nustaran 
Nyayalaya se application 
Rto ki gadiyan bhi bataiye 
Sabko suit karta hai 
Jiaki gadi usko bulaiye 
Vo batayega kya karna hai 
Corruption rto karta 
Rto ka koi bhi gadi nahi khada hoga 


Avedh aslaho ka 
Abhiyan 
Factory wagerah 
Farzi na ho 


Cctns check karein
Kitna hua